रविवार, 10 मई 2026

कांग्रेस के दिग्गजों में ‘संग्राम’

2027 के विस चुनाव में कांग्रेस सत्ता में वापसी का कर रही दावा चुनावी साल में कांग्रेसी एकजुट होने के बजाय आपस में उलझ रहे गुटबाजी और नेताओं में बीच एक-दूसरे के प्रति तीखी बयानबाजी देहरादून। सोशल मीडिया के दौर में अपनी बात जनता के सामने रखने वालों की लिस्ट लंबी होती जा रही है और सभी खुद को सबसे बड़ा बता रहे है। यहां बात हो रही हैं कांग्रेस पार्टी के नेताओं की। चुनावी साल में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में संग्राम साफ दिख रहा है। सत्ता में वापसी के लिए जहां कांग्रेसियों को एकजुट होना था वहीं कांग्रेसी आपस में ही उलझ रहे हैं। ऐसे में 2027 में सत्ता पर काबिज होने की संभावनाएं भी धूमिल होती जा रही है। बता दें कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में वापसी के दावे कर रही है, लेकिन पार्टी में चुनाव वर्ष के शुरूआत में ही जिस तरह की गुटबाजी व नेताओं में बीच एक-दूसरे के प्रति तीखी बयानबाजी हो रही है। खासकर सोशल मीडिया पर नेता खुद को महान मानने के साथ ही हमने कांग्रेस के लिए यह किया वह किया कहकर कांग्रेस को ही पलीता लगा रहे है। वैसे भी प्रदेश की राजनीति में 2017 और उसके बाद हुए विधानसभा व लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को लगातार करारी हार का सामना करना पड़ा। 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में वापसी के दावे कर रही है, लेकिन पार्टी में चुनाव वर्ष के शुरूआत में ही जिस तरह की गुटबाजी व नेताओं में बीच एक-दूसरे के प्रति तीखी बयानबाजी हो रही है। राजनीतिक विश्लेषज्ञों की माने तो कांग्रेस के अंदर वर्तमान में जो द्वंद चल रहा है यह आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए ठीक नहीं है। वैसे कांग्रेस में आपसी लड़ाई कोई नई बात नहीं है, लेकिन जिस प्रकार से कांग्रेस के नेता स्वयं को सर्वोच्च मान रहे है। यह आपसी मतभेद चरम पर रहे हैं और इससे आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की राह में कांटे बिछ सकते है। कांग्रेस उत्तराखंड में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय है। पार्टी का मानना है कि अगर सिटिंग विधायकों और स्थानीय प्रभावशाली चेहरों को शामिल किया जाए तो 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सीधा टक्कर दी जा सकती है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट कहा है कि कुल 18 नेताओं में से 6 पहले चरण में शामिल हो चुके हैं, जबकि बाकी 12 नेताओं की सूची हाईकमान को भेज दी गई है। हाईईकमान करेगा फैसला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी में कौन शामिल होगा और कौन नहीं, इसका फैसला हाईकमान लेगा। कांग्रेस भवन में गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी के किसी भी नेता को सोशल मीडिया में बयानबाजी करने के बजाए पार्टी फोरम पर अपनी बात रखी चाहिए। उन्होंने पार्टी में शामिल होने वाले 18 लोगों की सूची हाईकमान को दी थी, इसमें स्क्रीनिंग के बाद पहले चरण में छह नेताओं को शामिल किया गया। सभी को बिना किसी शर्त के पार्टी में लिया गया, अन्य नामों पर भी हाईकमान जल्द ही निर्णय लेगा। कांग्रेस की हर महीने प्रभावशाली लोगों को पार्टी में शामिल करने की रणनीति जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा से नाराज लोग बड़ी संख्या में कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं, जो लगातार संपर्क कर रहे हैं।

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