मंगलवार, 23 जून 2026
नगरासू में लौटी शांति
दो दिन तक चले हाई वोल्टेज घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने हालात सामान्य बताए
निहंग श्र(ालुओं से वार्ता सफल रही, गुरुद्वारे में लंगर और अरदास फिर शुरू
जिला प्रशासन ने कहा- कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में, भ्रामक खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दे जनता
देहरादून। रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण में तनाव के बाद सोमवार को स्थिति सामान्य होती दिखाई दी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नगरासू में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और चारधाम यात्रा पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
नगरासू गुरुद्वारा उस समय सुर्खियों में आया जब चमोली के कर्णप्रयाग में हुई झड़प के बाद कुछ निहंग श्र(ालु अपनी मांगों को लेकर गुरुद्वारे में डटे रहे। प्रारंभिक खबरों में गुरुद्वारे के प्रबंधक को बंधक बनाए जाने और कब्जे जैसी बातें सामने आईं, लेकिन जिला प्रशासन ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि किसी को बंधक नहीं बनाया गया था और पूरी स्थिति बातचीत के माध्यम से संभाली जा रही थी।
रविवार देर रात तक जिला प्रशासन, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने लगातार निहंगों से वार्ता की। प्रशासन के अनुसार बातचीत सकारात्मक रही और किसी प्रकार की बल प्रयोग की नौबत नहीं आई। सोमवार को गुरुद्वारे में सामान्य रूप से अरदास और लंगर सेवा भी संचालित होती रही, जिससे श्र(ालुओं और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ चमोली जिले के कर्णप्रयाग में पार्किंग विवाद के बाद हुई हिंसक झड़प को माना जा रहा है। उस मामले में चार निहंग श्र(ालुओं की गिरफ्तारी के बाद विरोध का स्वर नगरासू तक पहुंच गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तारी कानून के अनुसार की गई है और मामले की जांच जारी है।
प्रदेश सरकार ने भी पूरे मामले पर नजर बनाए रखी है। गृह विभाग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता रहे और किसी भी अफवाह को फैलने से रोका जाए। प्रशासन का कहना है कि यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित है और श्र(ालु बिना किसी भय के अपनी यात्रा जारी रख सकते हैं।
हालांकि राजनीतिक स्तर पर इस घटनाक्रम ने सरकार को विपक्ष के निशाने पर ला दिया है। विपक्ष का कहना है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर संवाद स्थापित किया जाता तो मामला इतना नहीं बढ़ता। दूसरी ओर सरकार का दावा है कि संवेदनशील परिस्थिति को बिना किसी बड़े टकराव के नियंत्रित करना प्रशासन की बड़ी सफलता है।
नगरासू प्रकरण ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और विभिन्न राज्यों से आने वाले श्र(ालुओं के बीच बेहतर समन्वय कैसे सुनिश्चित किया जाए। धार्मिक यात्राओं के दौरान छोटी घटनाएं भी यदि समय पर नहीं संभाली जाएं तो वे बड़े विवाद का रूप ले सकती हैं।
फिलहाल नगरासू में शांति लौट आई है, लेकिन प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब विश्वास बहाल करने की है। निष्पक्ष जांच, पारदर्शी कार्रवाई और अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण ही इस पूरे प्रकरण का स्थायी समाधान साबित हो सकता है।
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अधिकारियों ने की शांति की अपील
शैलेश बगोली गृह सचिव ने कहा कि यह मामला दो पक्षों के आपसी विवाद से जुड़ा है। इसे सांप्रदायिक रंग देकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आईजी गढ़वाल को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं।विशाल मिश्रा जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग ने बताया कि गुरुद्वारे में अरदास और लंगर सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं। किसी प्रकार के स्थाई कब्जे या हिंसा की खबरें भ्रामक हैं। सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न दें। राजीव स्वरूप आईजी, गढ़वाल रेंज ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर अफवाह और भ्रामक पोस्ट फैलाने वालों को चिन्हित करने के लिए विशेष जांच के निर्देश दिए गए हैं।
यह था पूरा घटनाक्रम
बता दें कि घटनाक्रम की शुरुआत शनिवार 20 जून को हुई। चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में बीते 16 जून को वाहन खड़ा करने को लेकर कुछ सिख तीर्थयात्रियों निहंगों का स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था, जिसमें तलवारबाजी में चार स्थानीय लोग घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने पंजाब के मोहाली निवासी चार निहंगों को गिरफ्तार किया था। शनिवार को हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे सात से आठ निहंगों का एक अन्य दल नगरासू गुरुद्वारे पहुंचा। यहां लंगर और ठहरने के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और इन निहंगों के बीच बहस हो गई। इसके बाद, गिरफ्तार साथियों की तत्काल रिहाई की मांग को लेकर ये निहंग शस्त्रों तलवार, भाला और कृपाण के साथ गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर चढ़ गए और मोर्चाबंदी कर दी।
यह था आरोप
नगरासू गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी बाबा बेहंत सिंह ने आरोप लगाया कि शरण और भोजन दिए जाने के बावजूद उक्त दल ने सेवादारों के साथ अभद्रता की, सीसीटीवी कैमरे तोड़े और पुलिस व स्थानीय लोगों पर पथराव की कोशिश की। निहंगों ने गुरुद्वारे के सेवादार नवतेज सिंह समेत दो लोगों को अपने कब्जे में ले लिया था, जिनमें से एक को शनिवार रात और दूसरे को रविवार शाम छोड़ दिया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर भारी पुलिस बल, एटीएस और आईटीबीपी के जवानों के साथ मौके पर डटे रहे। एसपी नीहारिका तोमर ने स्वयं लगभग एक घंटे तक फोन पर निहंगों से वार्ता कर उन्हें कानून हाथ में न लेने के लिए समझाया। चमोली के कर्णप्रयाग और गैरसैंण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 27 जून तक निषेधाज्ञा धारा 144/संशोधित नागरिक संहिता प्रावधान लागू कर दी गई है।
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