शनिवार, 29 अगस्त 2026

खड़गे के मंच पर ‘शुद्धिकरण’ से सुलगा सियासी संग्राम

राहुल का वारकृदलित अध्यक्ष नहीं, संविधान और लोकतंत्र का हुआ अपमान गंगाजल छिड़कने और हवन को लेकर भाजपा-संघ पर राहुल का तीखा हमला दिल्ली में मचा गया सियासी घमासान राहुल गांधी ने बीजेपी और संघ को घेरा चुनावी महासमर में मामले को कांग्रेस बनाएगी राष्ट्रीय मुद्दा, बैकफुट पर बीजेपी संतोष बेंजवाल देहरादून। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मंच पर गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण हवन के दुस्साहस ने देश की राजधानी दिल्ली में प्रचंड राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोला है। राहुल ने साफ शब्दों में कहा कि यह सिर्फ एक जनसभा के मंच का अपमान नहीं, बल्कि देश के संविधान, लोकतंत्र और दलित समाज के मुंह पर करारा तमाचा है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राहुल गांधी के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने इस कृत्य को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 17 ;अस्पृश्यता का अंतद्ध की सरेआम धज्जियां उड़ाने वाला करार दिया। राहुल गांधी ने तीखे बाण चलाते हुए कहा कि यह घटना बीजेपी और संघ की सदियों पुरानी संकीर्ण और जातिवादी मानसिकता का नग्न प्रदर्शन है। देश के कानून में छुआछूत एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। जब देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के दलित राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ सरेआम ऐसा घिनौना कृत्य किया जा सकता है, तो जरा सोचिए कि देश के दूर-दराज के गांवों में रहने वाले आम दलितों और मासूम बच्चों के साथ ये लोग कैसा सुलूक करते होंगे? राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खामोशी पर हमला बोलते हुए मांग की कि दोषियों और इस षड्यंत्र के पीछे मौजूद चेहरों पर अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस पर तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस इसे राष्ट्रीय स्तर पर जनांदोलन का रूप देगी। बता दें कि उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की एक जनसभा आयोजित हुई थी। रैली समाप्त होने के दो दिन बाद, एक स्थानीय संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा मंच पर शुद्धिकरण हवन करने और गंगाजल छिड़कने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना के सामने आते ही सियासी हलकों में हड़कंप मच गया और संसद से लेकर सड़कों तक आक्रोश की लहर दौड़ गई। राहुल गांधी के सीधे वार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने बचाव में मोर्चा संभाला। बीजेपी प्रवक्ताओं और प्रदेश नेताओं ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे कांग्रेस की राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया। बीजेपी का तर्क है कि इस तरह के किसी भी निजी या स्थानीय संगठन के धार्मिक अनुष्ठान से पार्टी का कोई सीधा संबंध नहीं है। कांग्रेस जनमुद्दों से भटक चुकी है और समाज में सामाजिक वैमनस्य फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेकने की नाकाम कोशिश कर रही है। उत्तराखंड में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हुए इस घटनाक्रम ने पूरे प्रदेश के राजनीतिक समीकरण को गरमा दिया है। राहुल गांधी के आक्रामक तेवरों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस इस शुद्धिकरण कांड को दलित स्वाभिमान और सामाजिक न्याय की ढाल बनाकर सत्तापक्ष को चौतरफा घेरने के मूड में है।

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