बुधवार, 22 अप्रैल 2026
कांग्रेस और बीजेपी में ‘जंग’
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां में अभी से आ गई है तेजी
कांग्रेस प्रदेश सरकार की नाकामियों को लेकर भाजपा को घेरने की कर रही तैयारीं
भाजपा ने बनाई सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाने की रणनीति
उत्तराखंड में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और इसकी सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले कांग्रेस और बीजेपी ने एक दूसरे को घेरने के लिए अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस भाजपा सरकार की नामामियों को उजागर करने की रणनीति पर कार्य कर रही है। दूसरी ओर भाजपा अपनी उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच ले जाने को तैयार है।
बता दें कि चुनावी साल में देश के प्रमुख दलों में ‘जंग’ होना स्वाभाविक है। इसके लिए दोनों दल चुनाव से एक साल पहले ही तैयारी कर लेते हैं और चुनाव आते-आते दोनों दलों की जंग तेज हो जाती है। अकेले उत्तराखंड की बात करें तो सूबे में सत्ता पर बारी-बारी से अभी तक भाजपा और कांग्रेस ने राज किया है। पिछले दो चुनाव हालांकि भाजपा ने जीतकर कांग्रेस को पटखनी अवश्य दी है, लेकिन इस बार भाजपा के लिए भी विधानसभा चुनाव की जंग आसान नहीं है। क्योंकि सत्ता से दूर बैठी कांग्रेस पिछले लंबे समय से प्रदेश में सरकार विरोधी हवा बनाने में लगी है और चुनाव से पूर्व इसकी लपटें भाजपा के अभियान को प्रभावित कर सकती हैं।
चुनाव की घोषणा से पूर्व भाजपा कांग्रेस की जंग तेज होती दिख रही है। भाजपा जहां अपने पिछले चुनाव के वायदों को पूरा करने के साथ ही प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को लेकर मैदान में जाने की तैयारी कर रही है। भाजपा प्रदेश सरकार के कई फैसलों को लेकर जनता के बीच जाने का मन बना चुकी है। क्योंकि प्रदेश की सरकार के कई फैसले देश में नजीर बने हैं। भाजपा सूत्रों की मानें तो आगामी चुनाव में इसका भाजपा को फायदा भी मिलेगा। वही दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को मात्र दिखावा मान रही है। कांग्रेस सूत्रों की माने तो विधानसभा चुनाव में प्रदेश सरकार की नाकामियों को लेकर उतरा जाएगा। प्रदेश सरकार और भाजपा चाहे जितने भी दावे कर ले, लेकिन प्रदेश की जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने जिस तरह की कार्यसंस्कृत को ईजाद किया है यह प्रदेश के भविष्य के लिए हानिकारक है।
सूबे में विधानसभा चुनाव की अभी घोषणा होना बाकी है। लेकिन उत्तराखंड की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस की जंग शुरू हो गई है। विधानसभा चुनाव तक यह जंग विकराल रूप धारण कर लेगी और इसके दुष्परिणाम चुनाव परिणाम पर पडे़गे। सत्ता भाजपा के हाथ में रहती है या फिर कांग्रेस के हाथ चली जाएगी, यह तो बाद में पता चलेगा। लेकिन चुनावी मैदान में उतरने से पहले दोनों ही दल अपनी-अपनी तैयारियों में लगकर खुद को मजबूत करने में लगे हैं। हालांकि दोनों दल मैदान में उतर चुके हैं और अपनी उपस्थिति जनता के सामने प्रदर्शित कर रहे हैं, जबकि विधानसभा के चुनाव की घोषणा होना अभी बाकी है।
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