रविवार, 31 मई 2026
दूनघाटी में ‘हाईप्रोफाइल’ मंथन
उत्तराखंड में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बताया विधानसभा चुनाव के लिए ‘एक्शन प्लान’
---सांसदों-विधायकों को विधानसभा स्तर पर मोर्चा संभालने के निर्देश
---वोट बैंक से आगे विचार परिवार के दायरे को बढ़ाने पर होगा फोकस
---विपक्षी खेमे की घेराबंदी के लिए भाजपा ने झोंकी सांगठनिक ताकत
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अब जमीनी स्तर पर संगठनात्मक तैयारी तेज कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उत्तराखंड दौरे के दौरान सांसदों, विधायकों और संगठन पदाधिकारियों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठकों में स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि आगामी चुनाव केवल राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि पार्टी विचार परिवार के विस्तार का मिशन होगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को विधानसभा स्तर पर ठोस कार्ययोजना बनाकर सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर देते हुए कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका बूथ स्तर तक फैला संगठन और वैचारिक कार्यकर्ता हैं। ऐसे में हर विधायक, सांसद और पदाधिकारी को केवल चुनावी नेता नहीं, बल्कि संगठन विस्तारक की भूमिका में काम करना होगा। बैठक में विशेष रूप से उन विधानसभा सीटों पर गहन चर्चा की गई, जहां भाजपा पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कमजोर रही या हार का सामना करना पड़ा। पार्टी नेतृत्व ने इन सीटों का अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषण तैयार करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि भाजपा अब हर सीट पर स्थानीय समीकरण, जातीय संतुलन, युवा मतदाता, महिला वोट बैंक और क्षेत्रीय मुद्दों को ध्यान में रखते हुए अलग रणनीति तैयार करेगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी को केवल जीतने वाली सीटों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि कमजोर क्षेत्रों में भी संगठन की जड़ें मजबूत करनी होंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को हर बूथ, मजबूत बूथ के मंत्र के साथ गांव-गांव तक पहुंचने का आह्वान किया। बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन सीटों पर भाजपा पिछली बार कमजोर रही, वहां लोकसभा और राज्यसभा सांसदों की विशेष जिम्मेदारी तय की जाएगी। सांसदों को इन क्षेत्रों में नियमित प्रवास, जनसंपर्क और संगठनात्मक बैठकों के माध्यम से पार्टी को मजबूत करने का दायित्व सौंपा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि सांसदों की सक्रिय मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में ऊर्जा बढ़ेगी और जनता के बीच सरकार की योजनाओं का प्रभावी संदेश पहुंचेगा।
सूत्र बताते हैं कि पार्टी अब प्रवास राजनीति को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही है। इसके तहत सांसद और वरिष्ठ नेता लगातार गांवों, कस्बों और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रात्रि प्रवास करेंगे। इससे स्थानीय मुद्दों की जानकारी लेने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद भी स्थापित किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने स्पष्ट किया कि भाजपा केवल चुनावी गणित के आधार पर राजनीति नहीं करती, बल्कि वैचारिक आधार पर समाज को जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य केवल सीटें जीतना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक राष्ट्रवादी और सांस्कृतिक विचारधारा को पहुंचाना है।
बैठक में सोशल मीडिया और युवा मतदाताओं पर भी विशेष फोकस किया गया। पार्टी ने युवाओं के बीच डिजिटल माध्यमों से पहुंच बढ़ाने, पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को जोड़ने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रचारित करने की रणनीति पर चर्चा की।
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