शुक्रवार, 8 मई 2026

फिर ‘हिंदूत्व’ पर भाजपा का ‘दांव’

भाजपा तैयार कर रही है हिंदूत्व के आधार पर अपने लिए जमीन तैयार केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में दे दिए है इस बात के संकेत हिंदुत्व के साथ मतदाताओं को अपने पक्ष में लामबंद की रणनीति तैयार देहरादून। उत्तराखंड में भी हिंदुत्व के मुद्दे पर राजनीतिक ध्रुवीकरण जिस तेजी से हुआ है, उससे भाजपा सत्ता में पहुंची और उसमें निरंतरता भी आई है। इस कारण पहले वर्ष 2017 और फिर वर्ष 2022 में प्रदेश में भाजपा की सरकारें बनीं। धर्मनगरी में घुसपैठियों पर सख्ती और समान नागरिक संहिता की पहल के साथ जनसांख्यिकीय असंतुलन से निपटने का इरादा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी शंखनाद के दौरान हर उस विषय को छुआ, जिससे हिंदू मतदाता गहरे प्रभावित होता है। प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा की हरिद्वार रैली में इसका शंखनाद हो चुका है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह की हरिद्वार में हिंदुत्व की दहाड़ से साफ हो गया है कि भाजपा फिर प्रदेश में हिंदुत्व का कार्ड खेलेगी। क्योंकि जिस हिसाब से विपक्ष हावी है उसे कमजोर करने के लिए नई रणनीति के साथ मैदान में उतरना आवश्यक है। यही कारण है कि भाजपा इस बार भी हिंदुत्व के कार्ड पर चुनावी मैदान में उतरेगी। बता दें कि वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार जीत पाने के लिए भाजपा को अपने इस आजमाए हुए अस्त्र पर ही भरोसा है। हिंदुत्व के साथ मतदाताओं को लामबंद करने में विकास कार्यों की गति तेज करने, सुशासन और भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति को दी गईई प्राथमिकता ने खाद-पानी का काम किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की जनसभा के साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया कि पार्टी हिंदुत्व की अपनी परंपरागत लीक पर ही मजबूती से कदम बढ़ाती दिखाई देगी।

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