बुधवार, 10 जून 2026

मंत्री से भाजपा असहज

चुनावी साल से पहले बढ़ी उत्तराखंड में सियासी बेचौनी कैबिनेट मंत्री के बयान विपक्ष को दे रहे हमले का मौका देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल एक बार फिर अपनी हरकतों को लेकर चर्चा में हैं। इससे भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई है। सोशल मीडिया पर मंत्री के उप चुनाव के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। प्रदेश की राजनीति पर नजर रखने वाले जानकारों का मानना है कि सुबोध उनियाल भाजपा के उन नेताओं में शामिल हैं जो अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते हैं। कई बार उनकी भाषा विपक्ष के बजाय पार्टी के भीतर ही चर्चा का विषय बन जाते हैं। यही वजह है कि जब भी कोई विवादित या अलग राय सामने आती है तो राजनीतिक गलियारों में उसकी गूंज लंबे समय तक सुनाई देती है। भाजपा इस समय मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में चुनावी रणनीति को धार देने में जुटी है। पार्टी की कोशिश है कि संगठन और सरकार के बीच पूरी तरह समन्वय का संदेश जाए। ऐसे समय में किसी भी वरिष्ठ नेता का अलग रुख या बयान विपक्ष को सरकार और संगठन के बीच मतभेदों का मुद्दा उठाने का अवसर दे देता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सुबोध उनियाल का अपना स्वतंत्र राजनीतिक आधार और लंबा अनुभव है। यही कारण है कि उनके बयानों को सामान्य राजनीतिक प्रतिक्रिया के बजाय गंभीरता से देखा जाता है। कई बार उनके वक्तव्य यह संकेत भी देते हैं कि पार्टी के भीतर विभिन्न मुद्दों पर अलग-अलग राय मौजूद है। हालांकि भाजपा सार्वजनिक रूप से इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बताती रही है। कांग्रेस भी ऐसे मौकों को हाथ से जाने नहीं देना चाहती। विपक्ष लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि भाजपा के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है और वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी समय-समय पर सामने आती रहती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब सरकार के मंत्री ही सवाल खड़े करने लगें तो विपक्ष के आरोपों को बल मिलता है। भाजपा नेतृत्व के सामने चुनौती यह है कि चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार की अंदरूनी असहमति की चर्चा कार्यकर्ताओं और मतदाताओं तक न पहुंचे। पार्टी फिलहाल विकास, निवेश, रोजगार और धार्मिक पर्यटन जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी में है। ऐसे में विवादों से बचना और एकजुटता का संदेश देना उसकी प्राथमिकता है।

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