मंगलवार, 30 जून 2026

‘आल इज नाट वेल’

पौड़ी जिले से सामने आए एक वायरल वीडियो ने कर दी दै उत्तराखंड की राजनीति में नई हलचल पैदा बगल में विधायक, सामने सीएम विरोधी नारे, उत्तराखंड भाजपा में यह मौन समर्थन है या खुली बगावत वायरल वीडियो में भाजपा विधायक दिलीप रावत की मौजूदगी से सियासी चर्चाएं तेज, विपक्ष ने उठाए सवाल देहरादून। पौड़ी जिले से सामने आए एक वायरल वीडियो ने उत्तराखंड की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। वीडियो में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लग रहे है। इस दौरान भाजपा विधायक दिलीप रावत भी मौके पर मौजूद दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं कि मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी के दौरान विधायक की मौजूदगी क्या संकेत देती है। विपक्ष ने इसे भाजपा के भीतर बढ़ते असंतोष और गुटबाजी का प्रमाण बताते हुए सरकार और संगठन दोनों पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा के लिए यह घटनाक्रम इसलिए भी असहज माना जा रहा है क्योंकि पार्टी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की रणनीति पर काम कर रही है, लेकिन इस तरह की घटनाएं संगठन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रही हैं। पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर कई मुद्दों को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं में नाराजगी की चर्चाएं रही हैं। अब मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी का वीडियो सामने आने के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है। वायरल वीडियो में भाजपा विधायक दिलीप रावत की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष सवाल उठा रहा है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे लगने के दौरान विधायक ने तत्काल आपत्ति क्यों नहीं जताई। हालांकि विधायक की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस घटनाक्रम को भाजपा की अंदरूनी खींचतान का नतीजा बताया है। विपक्ष का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री के खिलाफ असंतोष उनकी अपनी पार्टी के बीच से सामने आ रहा है, तो यह सरकार के लिए चिंता का विषय है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा नेतृत्व के सामने अब दोहरी चुनौती हैकृएक ओर विपक्ष के हमलों का जवाब देना और दूसरी ओर संगठन के भीतर उठ रहे असंतोष को समय रहते शांत करना। यदि इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

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