मंगलवार, 2 जून 2026
देवभूमि में राहुल की ‘एंट्री’ से कांग्रेस की मिलेगी ‘संजीवनी’
---कांग्रेस नेता राहुल गांधी संगठन में नई ऊर्जा भरने के लिए पहुंचेंगे उत्तराखंड
---बेरोजगारी, पलायन और महंगाई के मुद्दों पर भाजपा को घेरेंगे राहुल गांधी
---2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में बढ़ने लगा है उत्साह
---कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरने और चुनावी शंखनाद की तैयारी तेज
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक माहौल धीरे-धीरे गर्माने लगा है। ऐसे समय में कांग्रेस नेता राहुल गांध के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे को पार्टी के लिए नई संजीवनी के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से संगठनात्मक चुनौतियों और चुनावी हार से जूझ रही कांग्रेस को राहुल गांधी के दौरे से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश कांग्रेस का मानना है कि राहुल गांधी का जनसंपर्क और आम जनता से सीधे संवाद करने का तरीका युवाओं, महिलाओं और बेरोजगार वर्ग को पार्टी के साथ जोड़ने में मदद करेगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य में बेरोजगारी, पलायन, महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और पहाड़ों में खाली होते गांव जैसे मुद्दों पर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है, जिसे कांग्रेस राजनीतिक रूप से मजबूत मुद्दा बनाना चाहती है।
कांग्रेस रणनीतिकारों के अनुसार राहुल गांधी अपने दौरे में विशेष रूप से युवा वर्ग और पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों से संवाद कर सकते हैं। माना जा रहा है कि वह रोजगार, शिक्षा, महिला सुरक्षा और स्थानीय संसाधनों पर अधिकार जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाएंगे। इससे कांग्रेस को भाजपा के मुकाबले वैकल्पिक राजनीतिक विकल्प के रूप में खुद को स्थापित करने का अवसर मिल सकता है।
प्रदेश कांग्रेस संगठन भी राहुल गांधी के दौरे को लेकर सक्रिय हो गया है। जिला और ब्लाक स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। पार्टी नेताओं का दावा है कि राहुल गांधी की सभाओं और रोड शो में बड़ी संख्या में लोग जुट सकते हैं, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और संगठन को मजबूती मिलेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय में राहुल गांधी ने देशभर में लगातार जनसरोकार के मुद्दों को उठाकर विपक्ष की राजनीति में नई सक्रियता दिखाई है। इसका असर उत्तराखंड में भी देखने को मिल सकता है। खासकर युवा मतदाताओं और सरकारी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी से नाराज वर्ग को कांग्रेस अपने पक्ष में करने की कोशिश करेगी।
कांग्रेस यह भी मान रही है कि राहुल गांधी का दौरा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनता से भावनात्मक जुड़ाव बनाने का माध्यम बनेगा। पहाड़ की समस्याओं को राष्ट्रीय मंच पर उठाने की रणनीति के तहत कांग्रेस इस दौरे को बड़े अभियान के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा कांग्रेस को कितनी राजनीतिक मजबूती देता है और क्या पार्टी इसे 2027 के चुनावी माहौल में वास्तविक जनसमर्थन में बदल पाती है।
बाक्स
भाजपा के लिए शुभ रहा है राहुल का दौराः भट्ट
भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को उनके आने पर पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि उनकी उपस्थिति हमेशा भाजपा के लिए ही लाभकारी साबित होती है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से सेना और सनातन विरोधी पार्टी है, जिसमें उनकी पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी का योगदान सबसे अधिक है। लिहाजा उनके आने से प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को खुशफहमी हो सकती है, लेकिन प्रदेश की प्रबु( जनता को नही। क्योंकि राहुल और कांग्रेस पार्टी का सनातन एवं सेना विरोधी चाल, चरित्र और चेहरा सब देख चुके हैं। उत्तराखंड सैन्य बहुल प्रदेश है, जिसके युवाओं ने देश पर पीढ़ी दर पीढ़ी मर मिटना सीखा है वहां की देशभक्त जनता विपक्ष के ऐसे कायरों और मौकापरस्तों को कभी भी स्वीकार नहीं करने वाली है। उन्होंने तंज कसा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं को गलतफहमी हो सकती है कि राहुल के आने से राज्य में उनकी स्थिति में कोई सुधार आ सकता है, जबकि प्रदेश की जनता पूरी तरह स्पष्ट है कि सनातन और राष्ट्र विरोधी लोग उन्हे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
बाक्स
जनता प्रदेश में चाहती है बदलाव: शैलजा
राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे की तैयारी का जायजा लेने के लिए कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा उत्तराखंड दौरे पर पहुंच गई है। कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा महत्वपूर्ण है और वह इस बात की ओर इशारा करता है कि वह उत्तराखंड की जनता के हर सुख दुःख में हमेशा साथ खड़े रहते हैं। कुमारी शैलजा ने कहा कि आज उत्तराखंड सरकार में आपसी तालमेल की बड़ी कमी है। भाजपा नेता विधायक और मंत्री अंतर कला में उलझे हुए हैं यह समय प्रदेश में बदलाव का है और जनता सरकार के कामकाज से खुश नहीं है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए और प्रदेश में बदलाव के लिए कमर कस लेनी चाहिए।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें