सोमवार, 17 अगस्त 2026

भाजपा का ‘मंथन’ और 2027 का ‘रोडमैप’

130 मंडलों के अध्यक्ष जुटे, 2027 की तैयारी को बूथ तक ले जाने की कवायद सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान बैठक के दौरान जमीनी स्तर की समस्याओं, संगठन की मौजूदा स्थिति पर चर्चा देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा ने संगठन को जमीन पर और मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। भाजपा के कुमाऊं संभाग के जिला अध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की मौजूदगी में संगठन की स्थिति, आगामी कार्यक्रमों और चुनावी रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में कुमाऊं संभाग के आठ जिलों से जिला अध्यक्षों के साथ करीब 130 मंडल अध्यक्ष शामिल हुए। भाजपा नेतृत्व के स्तर पर इसे संगठन को बूथ तक सक्रिय करने की दिशा में महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है। बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगीत वंदे मातरम के साथ हुआ। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भाजपा कैडर आधारित पार्टी है और संगठन को लगातार मजबूत करने के लिए इस तरह की बैठकें जरूरी हैं। उन्होंने पदाधिकारियों से सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा जमीनी स्तर पर संगठन को और प्रभावी बनाने का आह्वान किया। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जिला और मंडल अध्यक्षों से संगठन की मौजूदा स्थिति, जमीनी समस्याओं और आगामी कार्ययोजना पर सीधे संवाद करने को कहा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के संवाद से सरकार तक जमीनी स्तर की समस्याएं और सुझाव पहुंचते हैं। संगठन और सरकार के बीच यह संवाद लगातार मजबूत होना चाहिए। भाजपा के लिए कुमाऊं का राजनीतिक महत्व काफी अधिक है। ऐसे में आठ जिलों और 130 मंडलों के पदाधिकारियों को एक मंच पर बुलाकर संगठन की समीक्षा करना महज नियमित बैठक से आगे की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बैठक में सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए पदाधिकारियों से इन्हें जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। उनका जोर इस बात पर रहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और संगठन कार्यकर्ता सरकार और जनता के बीच प्रभावी सेतु की भूमिका निभाएं। भाजपा की चुनावी रणनीति में यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सत्ता में रहते हुए पार्टी को सरकार के कामकाज का लाभ चुनावी मैदान में लेने के लिए संगठनात्मक मशीनरी को सक्रिय रखना होगा। कांग्रेस पर धामी का हमला मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से भाजपा और दलितों से जुड़े मुद्दों पर दिए गए बयानों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोपों को खारिज किया। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान, सनातन और महिला विरोधी होने तथा एक विशेष समुदाय के वोट बैंक की राजनीति करने जैसे आरोप भी लगाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावी हार के बावजूद अपनी गलतियों से सीखने को तैयार नहीं है। यानी संगठन की बैठक में भी भाजपा का राजनीतिक संदेश साफ रहाकृसंगठन को मजबूत करो और साथ ही विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक नैरेटिव को भी धार दो। संगठन को लेकर दिया रोडमैप भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी संगठन लगातार विस्तार और मजबूती की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने मंडल और जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने तथा संगठनात्मक कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। बैठक में सरकार के काम को जनता तक पहुंचाने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। भाजपा नेतृत्व की कोशिश साफ दिखाई देती है कि चुनाव से काफी पहले संगठन के हर स्तर को सक्रिय किया जाए, ताकि अंतिम समय में केवल प्रत्याशी और चुनावी मुद्दों के भरोसे न रहना पड़े। आठ जिले, 130 मंडल और चुनावी संदेश बैठक में नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, काशीपुर, चंपावत, पिथौरागढ़, रानीखेत, अल्मोड़ा और बागेश्वर समेत कुमाऊं संभाग के आठ जिलों के जिला अध्यक्ष और 130 मंडल अध्यक्ष शामिल हुए। कुमाऊं में भाजपा का यह संगठनात्मक मंथन कांग्रेस के लिए भी राजनीतिक संदेश माना जा सकता है। कांग्रेस जहां 2027 की तैयारी में संगठन को मजबूत करने और सीटवार समीकरणों पर काम करने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा ने पहले से ही अपने संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय करने पर जोर बढ़ा दिया है। अब देखना यह होगा कि 130 मंडलों में तैयार की जा रही रणनीति जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है।

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