सोमवार, 31 अगस्त 2026

मंच शुद्धिकरण पर ‘महासंग्राम’

खरगे मामले में अल्मोड़ा में सड़कों पर उतरी कांग्रेस, एफआईआर की मांग पर अड़ी मंच शुद्धिकरण पर कांग्रेस का वार, एफआईआर के लिए कोतवाली पहुंचा काफिला अल्मोड़ा में गरजे कांग्रेसी,लोकतंत्र में यह कैसी राजनीति? दोषियों पर मुकदमा करो देहरादून। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण का मामला अब अल्मोड़ा में भी सियासी चिंगारी भड़काने लगा है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंचे और घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस पर दबाव बनाया। कांग्रेसियों ने साफ कहा कि राजनीतिक विरोध की आड़ में सामाजिक और धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश किसी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। कोतवाली पहुंचे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष के बीच वैचारिक संघर्ष स्वाभाविक है, लेकिन किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम स्थल का कथित तौर पर गंगाजल से शुद्धिकरण करना विरोध की राजनीति को एक अलग ही स्तर पर ले जाता है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या अब राजनीतिक असहमति का जवाब धार्मिक प्रतीकों के जरिए दिया जाएगा? कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। नेताओं ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और राजनीतिक प्रभाव के कारण किसी को कार्रवाई से बचने नहीं दिया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस-प्रशासन को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि यदि घटना सामने आने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं होती है तो इससे कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े होंगे। उनका कहना था कि कानून की किताब में आरोपी का राजनीतिक झंडा नहीं देखा जाता, अपराध देखा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार ऐसी राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें असली मुद्दों से ध्यान हटाकर धार्मिक और भावनात्मक विषयों को आगे किया जा रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं की तो पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। हल्द्वानी का मंच शुद्धिकरण प्रकरण अब केवल एक शहर तक सीमित नहीं रह गया है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक मर्यादा, सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों से जोड़कर प्रदेशभर में मुद्दा बनाने की तैयारी में दिखाई दे रही है। अल्मोड़ा में कोतवाली पहुंचकर एफआईआर की मांग इसी राजनीतिक रणनीति का अगला कदम माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की सियासत पहले ही गरम है। ऐसे में मंच शुद्धिकरण का विवाद भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ती तल्खी को और हवा दे सकता है।

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