सोमवार, 14 सितंबर 2026
नाम पर ‘बवाल’ और काम पर ‘सवाल’
राहुल मियां पर भाजपा ने कर दिया है अब सीधा पालिटिकल अटैक
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कांग्रेस पर हमलाकृमियां पर आपत्ति
अवैध धर्मांतरण, मदरसों व धार्मिक अतिक्रमणों पर कथित नरमी क्यों
देहरादून। उत्तराखंड में राजनीतिक बयानबाजी के बीच भाजपा ने कांग्रेस की ओर से राहुल मियां संबोधन पर जताई जा रही आपत्ति को लेकर पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो पार्टी लंबे समय से एक वर्ग को खुश करने की राजनीति करती रही है, उसे अब मियां शब्द से परेशानी होने लगी है। उन्होंने कांग्रेस के इस रुख को राजनीतिक दोगलापन करार दिया।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस को अवैध धर्मांतरण, मदरसों, धार्मिक अतिक्रमण, लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसे मुद्दों पर भाजपा की ओर से उठाए जाने वाले सवालों से परेशानी होती है, लेकिन अब संबोधन में इस्तेमाल किए जा रहे मियां शब्द पर आपत्ति जताई जा रही है। उनका आरोप था कि कांग्रेस की राजनीति में मुद्दों से ज्यादा राजनीतिक सुविधा महत्वपूर्ण हो गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि मियां शब्द पर आपत्ति है तो कांग्रेस को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह वर्षों से जिस कथित तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है, उसका आधार क्या है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा राष्ट्रवाद, समान नागरिक अधिकार और सभी वर्गों के विकास की बात की है, जबकि कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के आरोप लगातार लगते रहे हैं। भट्ट ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस को ‘मियां कहलाना पसंद नहीं है, लेकिन तुष्टिकरण की राजनीति से उसे कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा के बयानों के एक शब्द को मुद्दा बनाकर मूल राजनीतिक सवालों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
भट्ट ने अपने बयान को और धार देते हुए कहा कि कांग्रेस के इस कथित दोहरे रवैये को हिंदू समाज पहले से समझ चुका है और अब मुस्लिम समाज को भी कांग्रेस की राजनीति को समझना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी राजनीति के दौरान अलग-अलग वर्गों के बीच भ्रम पैदा कर अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने का प्रयास करती रही है। भाजपा नेता ने कहा कि उत्तराखंड की राजनीति अब केवल नारों और भावनात्मक मुद्दों से तय नहीं होगी। जनता विकास, कानून-व्यवस्था, रोजगार, पलायन, भ्रष्टाचार और राज्य की पहचान से जुड़े सवालों पर राजनीतिक दलों का हिसाब लेगी।
राहुल मियां संबोधन को लेकर कांग्रेस की आपत्ति ने भाजपा को कांग्रेस पर हमला करने का नया राजनीतिक हथियार दे दिया है। भाजपा अब इसे कांग्रेस के कथित तुष्टिकरण के बड़े नैरेटिव से जोड़ रही है। पार्टी का प्रयास है कि 2027 के चुनावी विमर्श में कांग्रेस को वोट बैंक की राजनीति बनाम सबका विकास के सवाल पर घेरा जाए। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस तरह के संबोधनों पर आपत्ति को राजनीतिक शुचिता और भाषा की मर्यादा से जोड़कर देखा जा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद केवल एक शब्द तक सीमित रहने के बजाय तुष्टिकरण बनाम सामाजिक समरसता की बहस में बदल सकता है।
कुल मिलाकर भाजपा ने मियां विवाद को महज संबोधन का विवाद मानने के बजाय इसे कांग्रेस की कथित वोट बैंक राजनीति से जोड़ दिया है। चुनावी साल से पहले यह हमला बताता है कि उत्तराखंड में अब शब्द भी सियासी हथियार बन रहे हैं और हर बयान को 2027 के बड़े राजनीतिक नैरेटिव में फिट करने की कोशिश तेज हो गई है।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें