सोमवार, 14 सितंबर 2026

विकास की ‘राह’ में कांग्रेस का ‘ब्रेक’

भाजपा का आरोपकृजनता के मुद्दों पर कांग्रेस का फोकस नहीं सरकार के हर काम का विरोध ही बना है राजनीति का एजेंडा विकास पर राजनीति और हर फैसले का विरोध कर रही कांग्रेस देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है। भाजपा ने प्रदेश कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने राज्य के विकास को रोकने की सुपारी अपने आलाकमान से ले रखी है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के पास न तो विकास का कोई वैकल्पिक रोडमैप है और न ही जनहित से जुड़े मुद्दों पर कोई सकारात्मक दृष्टिकोण। उसका पूरा राजनीतिक अभियान केवल सरकार के विरोध और जनता को भ्रमित करने तक सीमित रह गया है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, चारधाम यात्रा, पर्यटन, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़े लगातार काम हो रहे हैं, लेकिन कांग्रेस को इनमें उपलब्धियां नहीं, बल्कि राजनीति के अवसर दिखाई देते हैं। भाजपा का कहना है कि विपक्ष सरकार की कमियां उठाए, सवाल पूछे और जवाबदेही तय करे, यह लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन हर विकास परियोजना का विरोध करना और हर सरकारी फैसले पर सवाल खड़ा करना जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका नहीं हो सकती। भाजपा के अनुसार कांग्रेस ने प्रदेश में ऐसी राजनीति खड़ी करने की कोशिश की है, जिसमें सरकार की प्रत्येक पहल को संदेह की नजर से देखा जाए। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस जनता के बीच यह भ्रम पैदा करना चाहती है कि राज्य में कुछ हो ही नहीं रहा, जबकि धरातल पर विकास कार्यों की गति लगातार बढ़ी है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि सरकार की नीतियां गलत हैं तो कांग्रेस अपना वैकल्पिक माडल सामने क्यों नहीं रखती? बेरोजगारी, पलायन, पहाड़ी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था, पर्यटन, औद्योगिक निवेश और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कांग्रेस के पास ठोस कार्ययोजना क्या है? भाजपा का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में जुटी है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व की राजनीतिक रणनीति का असर उत्तराखंड की राजनीति में भी दिखाई दे रहा है और प्रदेश कांग्रेस स्थानीय विकास के मुद्दों से ज्यादा राष्ट्रीय राजनीति के नारों को प्राथमिकता दे रही है। भाजपा नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने राज्य को आंदोलन, संघर्ष और अस्थिरता के लंबे दौर से निकालकर विकास की राह पर आगे बढ़ाने का जनादेश दिया है। ऐसे में राजनीतिक दलों को विकास के मुद्दों पर प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए, न कि विकास परियोजनाओं को राजनीतिक हथियार बनाना चाहिए। भाजपा ने कांग्रेस को चेताते हुए कहा कि जनता अब केवल बयान नहीं, काम का हिसाब मांग रही है। आरोप लगाया कि कांग्रेस जितना सरकार के काम को रोकने और नकारने की कोशिश करेगी, उतना ही जनता के बीच उसकी राजनीतिक मंशा उजागर होगी। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन विकास रोकने की राजनीति का अधिकार किसी को नहीं है। पार्टी ने दावा किया कि 2027 का चुनाव सरकार बनाम विपक्ष से अधिक काम बनाम विरोध के बीच होगा और जनता तय करेगी कि उत्तराखंड को विकास की दिशा में आगे कौन ले जा सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं: