सोमवार, 19 अक्टूबर 2026

कांग्रेस के गैरसैंण घेराव की घोषणा पर भाजपा का वार

भाजपा ने लगाया कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति का आरोप महेंद्र भट्ट बोलेकृपांच साल सदन के बाहर घेराव, भीतर हंगामा अंतिम सत्र में जनहित के मुद्दे उठाए विपक्ष न कि करें हंगामा देहरादून। गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान घेराव करने की कांग्रेस की घोषणा पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के प्रस्तावित घेराव को नकारात्मक राजनीति की किताब का एक और काला अध्याय करार देते हुए कहा कि विपक्ष ने अपने पांच साल सदन के बाहर घेराव और भीतर हंगामे में बर्बाद कर दिए। उन्होंने कांग्रेस को नसीहत दी कि सत्र की शुरुआत घेराव और समापन हंगामे से करने के बजाय उसे जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरना चाहिए। भट्ट ने कहा कि गैरसैंण विधानसभा सत्र राज्य की जनता की आकांक्षाओं और पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को सदन में उठाने का महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे में विपक्ष को इस अवसर का इस्तेमाल राजनीतिक प्रदर्शन के बजाय जनसमस्याओं के समाधान के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान अंतिम सत्र में कांग्रेस को सकारात्मक रुख के साथ भागीदारी करनी चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयान से साफ है कि गैरसैंण सत्र से पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस जहां घेराव के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है, वहीं भाजपा इसे विपक्ष की नकारात्मक राजनीति बताकर उसके इरादों पर सवाल उठा रही है। भट्ट ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में विपक्ष ने सदन के भीतर जनहित के विषयों पर प्रभावी चर्चा करने के बजाय हंगामे को प्राथमिकता दी। उनके मुताबिक, सत्रों की शुरुआत घेराव और अंत हंगामे से करना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले गैरसैंण सत्र को लेकर दोनों दलों के बीच बढ़ती तल्खी को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस का घेराव कार्यक्रम सरकार के खिलाफ अपने मुद्दों को धार देने की कोशिश है, जबकि भाजपा विपक्ष को विकास और जनहित के सवालों पर घेरने की रणनीति अपना रही है। हालांकि, इस राजनीतिक टकराव के बीच असली सवाल यही है कि गैरसैंण में होने वाले अंतिम सत्र में राज्य के बेरोजगारों, पलायन, ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं पर कितनी गंभीर चर्चा हो पाती है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप अपनी जगह हैं, लेकिन गैरसैंण की विधानसभा से प्रदेश की जनता को राजनीतिक शोर से अधिक ठोस जवाब और समाधान की अपेक्षा है।

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