सोमवार, 21 सितंबर 2026
भाजपा में ‘अपनों’ की ही अनदेखी पर ‘महासंग्राम’
अपनी ही सरकार पर भड़कीं भाजपा नेता मधु चौहान, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
अपनी ही सरकार के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, संगठन में उथल-पुथल।
सरकारी योजनाओं में तवज्जो न मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने खोल दिया है मोर्चा
देहरादून। भाजपा कार्यकर्ताओं का अपनी ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर चर्चा में है। भाजपा नेता मधु चौहान के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सरकार की योजनाओं में कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर अपेक्षित अवसर नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। प्रदर्शन के दौरान दिया गया उनका बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वायरल वीडियो में मधु चौहान यह कहते हुए सुनाई दे रही हैं कि भाजपा का कार्यकर्ता पार्टी के हर कार्यक्रम में पूरी निष्ठा के साथ जुटता है। कभी उसे दीया जलाओ, कभी थाली बजाओ जैसे कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए कहा जाता है और कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ पार्टी के कार्यक्रमों में अपनी भूमिका निभाता है। लेकिन जब सरकार की योजनाओं से जुड़े काम कार्यकर्ताओं को देने की बात आती है तो कथित तौर पर कांग्रेस से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि पार्टी का कार्यकर्ता लगातार संगठन के लिए मेहनत करता है, लेकिन सरकार की योजनाओं और कामों में उसे अपेक्षित भागीदारी नहीं मिल रही है। इससे कार्यकर्ताओं के भीतर असंतोष और निराशा बढ़ रही है। उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं की इसी नाराजगी का परिणाम है कि उन्हें अपनी ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। मधु चौहान के बयान ने भाजपा के भीतर कार्यकर्ताओं की भूमिका और सरकार के स्तर पर उन्हें मिलने वाले अवसरों को लेकर बहस छेड़ दी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव और संगठन के कार्यक्रमों के दौरान कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ काम लिया जाता है, लेकिन सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और कामों के आवंटन में उनकी उपेक्षा की जा रही है।
चकराता क्षेत्र में योजनाओं के लाभार्थी चयन और कामों के आवंटन को लेकर पहले से ही भाजपा नेताओं की नाराजगी सामने आ रही है। ऐसे में मधु चौहान का वीडियो सामने आने से मामला और तूल पकड़ गया है। यह विवाद कैबिनेट मंत्री खजान दास के उस बयान के बाद और चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे कमीशनखोरी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाया गया एक भी आरोप साबित हो जाता है तो वह मंत्री पद से इस्तीफा देने के साथ आत्महत्या तक कर लेंगे। एक तरफ भाजपा नेताओं की ओर से योजनाओं के कामों में कथित पक्षपात और कांग्रेस से जुड़े लोगों को प्राथमिकता देने के आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं मंत्री इन आरोपों को पूरी तरह नकार रहे हैं। ऐसे में मधु चौहान का वायरल वीडियो भाजपा के भीतर चल रहे असंतोष को सार्वजनिक बहस के केंद्र में ले आया है।
हालांकि वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब सवाल यह है कि सरकार और संगठन इस नाराजगी को किस तरह देखते हैं और क्या योजनाओं के लाभार्थी चयन तथा कार्य आवंटन की प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्ट जांच या तथ्य सार्वजनिक किए जाते हैं। फिलहाल चकराता से उठी कार्यकर्ताओं की आवाज देहरादून की सियासत में चर्चा का नया विषय बन गई है।
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