रविवार, 27 सितंबर 2026

मां की तस्वीर पर सियासत

ईडी कार्यालय जाते समय हरीश रावत के मां की तस्वीर साथ रखने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का हमला वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए पहुंचे रावत ने कहा था कि वह अपनी मां, मां जगदंबा और धरती मां का स्मरण करते हुए ईडी कार्यालय पहुंचे देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय में पूछताछ के लिए पहुंचने के दौरान अपनी दिवंगत मां की तस्वीर साथ रखने को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने रावत पर निशाना साधते हुए इसे राजनीति के लिए भावनाओं के इस्तेमाल का मामला बताया है। उन्होंने कहा कि निजी भावनाओं और पारिवारिक स्मृतियों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है। रावत शनिवार को वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी मां की तस्वीर गले में रखी थी। रावत ने कहा था कि वह अपनी मां, मां जगदंबा और धरती मां का स्मरण करते हुए ईडी कार्यालय पहुंचे हैं और मां का आशीर्वाद लेकर जांच एजेंसी के सामने उपस्थित हुए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसी को आधार बनाते हुए हरीश रावत पर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत भावनाओं को इस तरह सामने लाना दुर्भाग्यपूर्ण है। भट्ट के बयान ने पहले से ही ईडी की कार्रवाई को लेकर चल रहे कांग्रेस-भाजपा विवाद को नया राजनीतिक रंग दे दिया है। भाजपा का कहना है कि ईडी की पूछताछ एक जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे राजनीतिक भावनाओं से जोड़ना उचित नहीं है। वहीं कांग्रेस और रावत लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि चुनाव से पहले केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक दबाव के तौर पर देखा जाना चाहिए। इन आरोपों पर जांच एजेंसी का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। ईडी कार्यालय पहुंचने से पहले रावत ने कहा था कि वह अपनी मां की तस्वीर लेकर आए हैं। उन्होंने इसे किसी राजनीतिक प्रदर्शन के बजाय मां का आशीर्वाद लेने की अपनी भावना से जोड़ा। रावत ने यह भी कहा कि उन्होंने किसी को नहीं बुलाया और केवल अपनी मां को साथ लेकर आए हैं। ईडी की पूछताछ वर्ष 2016 की वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले के सिलसिले में है। इस मामले में रावत के तत्कालीन ओएसडी चंदन सिंह जीना से जुड़े परिसरों पर भी ईडी ने तलाशी ली थी। ईडी की कार्रवाई के बाद रावत ने जांच एजेंसी के सामने अपना पक्ष रखने की बात कही थी। हरीश रावत और भाजपा के बीच यह जुबानी जंग ऐसे समय तेज हुई है, जब उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। ईडी की कार्रवाई और उसके बाद रावत के बयान को कांग्रेस राजनीतिक कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा जांच प्रक्रिया का बचाव कर रही है। अब मां की तस्वीर को लेकर महेंद्र भट्ट के बयान ने इस विवाद को भावनात्मक और राजनीतिक बहस में बदल दिया है। एक तरफ भाजपा रावत के कदम को राजनीतिक प्रतीकवाद बता रही है, तो दूसरी ओर रावत इसे अपनी मां और मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा के रूप में पेश कर रहे हैं। ईडी की पूछताछ का कानूनी पक्ष जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा, लेकिन इतना तय है कि मां की तस्वीर को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बहस ने उत्तराखंड में चुनावी तापमान और बढ़ा दिया है।

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