रविवार, 18 अक्टूबर 2026
ड्यूटी में पीआरडी जवान आगे, बोनस में पीछे
प्रदेश सरकार से जवानों का सीधा सवाल, त्योहार मनाने का हक नहीं
पीआरडी जवानों ने सीएम धामी और मंत्री से की बोनस देने की मांग
नियमानुसार बोनस या समकक्ष त्योहार सहायता देने की हो शीघ्र व्यवस्था
देहरादून। उत्तराखंड में दीपावली की खुशियों के बीच प्रांतीय रक्षक दल के जवानों ने राज्य सरकार के सामने बड़ा सवाल खड़ा किया है। सरकारी विभागों में ड्यूटी निभाने वाले पीआरडी जवानों को दीपावली बोनस क्यों नहीं? क्या उनकी सेवाएं केवल ड्यूटी तक सीमित हैं और त्योहार आते ही उनके योगदान को भुला दिया जाता है? प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से प्रदेश के सभी पीआरडी जवानों को भी दीपावली बोनस देने की मांग की है। संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय पंवार ने कहा कि पीआरडी जवानों को भी सम्मान, अधिकार और त्योहार की खुशियों में बराबर की भागीदारी मिलनी चाहिए।
संजय पंवार ने सवाल उठाया कि जब पीआरडी जवान विभिन्न सरकारी विभागों में जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी करते हैं, तो त्योहार पर आर्थिक लाभ देने के मामले में उनके साथ अलग व्यवहार क्यों होना चाहिए? पुलिस, पीएसी, आईआरबी, एसडीआरएफ और अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह पीआरडी जवान भी व्यवस्था के संचालन में अपनी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी मांग को नजरअंदाज करना उनके मनोबल और सम्मान से जुड़ा सवाल है।
संगठन का कहना है कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि दीपावली बोनस के मामले में पीआरडी जवानों के लिए क्या नीति है। यदि अन्य कर्मचारियों को नियमानुसार बोनस दिया जाता है, तो पीआरडी जवानों की पात्रता पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए। जिम्मेदारी निभाने में जवान पीछे नहीं, फिर त्योहार के लाभ में उन्हें पीछे क्यों रखा जाए? संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि पीआरडी जवानों के भी परिवार हैं। उनके बच्चे भी दीपावली पर नए कपड़ों, मिठाइयों और त्योहार की खुशियों की उम्मीद करते हैं। घरों में भी अन्य परिवारों की तरह अतिरिक्त खर्च होते हैं। ऐसे में बोनस की मांग को केवल आर्थिक लाभ का सवाल मानकर खारिज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को जवानों की परिस्थितियों और उनकी अपेक्षाओं को समझना चाहिए। त्योहार पर मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके परिवारों के लिए राहत बन सकती है। सरकार यदि जवानों से समर्पण और जिम्मेदारी की अपेक्षा करती है, तो उनके हितों के प्रति संवेदनशीलता भी दिखानी चाहिए। प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से मांग की है कि दीपावली से पहले पीआरडी जवानों के बोनस पर निर्णय लिया जाए। संगठन चाहता है कि प्रदेश के सभी पात्र पीआरडी जवानों को भी नियमानुसार बोनस या समकक्ष त्योहार सहायता देने की व्यवस्था की जाए।
संगठन का कहना है कि जवानों के सम्मान की बात केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनके हितों से जुड़े फैसलों में भी यह सम्मान दिखाई देना चाहिए। यदि सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेती है, तो इससे जवानों और उनके परिवारों को राहत मिलने के साथ उनका मनोबल भी बढ़ेगा। पीआरडी जवानों की यह मांग त्योहार के अवसर पर सरकारी सेवाओं से जुड़े कर्मियों के बीच सुविधाओं और आर्थिक सहायता की समानता का सवाल भी उठाती है। हालांकि, अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए बोनस की पात्रता और नियम अलग हो सकते हैं, लेकिन संगठन चाहता है कि पीआरडी जवानों के मामले में भी स्पष्ट और न्यायसंगत निर्णय लिया जाए।
संगठन का सवाल साफ हैकृपीआरडी जवानों से ड्यूटी पूरी चाहिए तो उनके त्योहार और परिवारों की चिंता भी सरकार को करनी चाहिए। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री धामी और मंत्री रेखा आर्य जवानों की इस मांग पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या दीपावली से पहले उन्हें कोई राहत मिल पाती है।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें